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Khudgarziyaan

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पुस्तक के बारे में

“ज़िंदगी हसीन भी है, ज़हर ग़मगीन भी है,

तरसती ख़िज़ाओं संग … थोड़ी रंगीन भी है,

उलझ गए सुलझाने वाले … ऐसी ये पहेली है,

ज़रा सी शौक़ीन और ज़रा नमकीन भी है …”

ख़ुदगर्ज़ियाँ मेरे उन जज़्बातों का संग्रह है जिनको मैं कभी ज़ुबान नहीं दे पाया और शायद ना ही कभी दे पाऊँगा। कुछ मोहब्बत से भरे कुछ कसक से भरे … कुछ इंतज़ार में डूबे और कुछ प्यास में डूबे, ये जज़्बात आज आपके दिल पर दस्तक दे रहे हैं … उम्मीद है ये दस्तक क़बूल होगी!

 

कवि के बारे में

हरमनजीत सिंह पूनीया, पंजाब के फ़तेहगढ़ साहिब ज़िले के रहने वाले एक उभरते कहानीकार व शायर हैं। ‘ख़ुदगर्ज़ियाँ’ उनका हिन्दी कविता का पहला संग्रह है। इससे पहले उनकी प्यार के एहसास में डूबी कहानियों का संग्रह ‘पश्मीना’ अंग्रेज़ी में प्रकाशित हो चुका है; जो हर पढ़ने वाले के दिल को छू जाने में कामयाब रहा। उनके बारे में अधिक जानने के लिए आप Instagram पर उनकी ID @harman_punia23 पर फॉलो कर सकते हैं और उन्हें सम्पर्क करने के लिए आप harmansingh23@outlook.com पर मेल कर सकते हैं।

 

Details

Title: Khudgarziyaan

ISBN: 978-81-947513-7-3

Format: Paperback

Date of Publication: 12-06-2021

Language: Hindi

In stock

Category:

Additional information

Weight 150 g
Dimensions 5 × 1 × 8 in

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