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Saarthi

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पुस्तक के बारे में

उपन्यासकार समाज के विकास का आधार प्रेम को बनाना चाहता है, किन्तु रूढ़िवाद व हठधर्मिता के चलते भावना में आसानी से प्रवाहित हो जाने वाली नारी जिसका परिणाम उसे सामाजिक उपेक्षा, असुरक्षा और कई बार जान देकर चुकाना पड़ता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उपन्यास के नायक अनंत को अपना पूरा जीवन नारी जगत की सेवा, सुरक्षा सम्मान और स्वाभिमान की प्राप्ति के लिए लगा देना पड़ता है जिसकी प्रेरणा कभी उसे माँ तो कभी सहचरी बनते – बनते रह गयी नेहा से मिलती है। धर्मवाद का विरोध करने वाला अनंत एक ही छत के नीचे रहने मुस्लिम लड़की नेहा के प्रेम में पागल हो उठता है और तब उसे आभास होता है यह समाज प्रेम का कितना बड़ा विरोधी है, नेहा को खोने के बाद महिलाओं के प्रति व समाज के प्रति जागरूक होकर वह समाज सेवी बन जाता है और समाज को अपना जीवन सौंप देता है।

 

उपन्यासकार के बारे में

लेखक मूलतः उत्तर प्रदेश के एक जिले रायबरेली से संबंध रखता है, यह उसका प्रथम उपन्यास है जिसे लिखने की प्रेरणा उसे समाज में फैल रहे कुरीतियों व आडंबरों से मिली है। लेखक का वास्तविक नाम शिवम चौधरी है, लेकिन उनका लेखक नाम अनंत राकेश है। अपने पिता को अपना आदर्श मानने वाले शिवम का मानना है प्रेम कई रूपों से इंसान के पास आता है, लेकिन व्यक्ति प्रेम का अर्थ अब दूसरे शब्दों में लेने लगा है, ईश्वर तक पहुँचने के लिए प्रेम का होना अति आवश्यक है, वह व्यक्ति जो किसी भी व्यक्ति से प्रेम रखता है, सफलता उसके कदम अवश्य चूमती है, ऐसा लेखक का मानना ही नहीं बल्कि अटल विशवास है। 22 साल का युवा लेखक साहित्य को अपना जीवन बनाकर समाज में परिवर्तन की उम्मीद रखता है।

 

Details

Title: Saarthi

ISBN: 978-81-941775-7-9

Format: Paperback

Date of Publication: 24-12-2019

Language: English

In stock

Category:

Additional information

Weight 150 g
Dimensions 5 × 1 × 8 in

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